‘हिन्दुस्तानी प्रचार सभा’ द्वारा विभिन्न केंद्रों में सरल हिन्दी कक्षा का प्रारम्भ किया जाता रहा है। ‘सभा’ का उद्देश्य है देश की मुख्य धारा से जुड़ना। इसके लिए यह हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की दिशा की ओर अग्रसर है।

सरल हिन्दी कक्षा को मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा स्वीकृति प्राप्त है।  गत चार वर्षों से सरल हिन्दी कक्षा की द्वितीय वर्ष का पाठ्यक्रम शुरू किया गया है।

यह कक्षा मुंबई तथा मुंबई के बाहर के विभिन्न कॉलेजों में संचालित होती है। केंद्रीय विश्वविद्यालय (गाँधीनगर), किमिन्स स्कूल (पंचगनी), सेंट पीटर्स स्कूल (पंचगनी), कैवल्यधाम(लोनावाला) और इस्लामपुर (सांगली) के चार विभिन्न कॉलेजों में सरल हिन्दी कक्षा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया गया है तथा  महाराष्ट्र के इस्लामपुर, सतारा व सांगली में भी सरल हिंदी कक्षाएँ शुरू की गयी हैं।

‘सभा’ द्वारा सरल हिन्दी पाठ्यक्रम के शिक्षण की व्यवस्था केवल कक्षा में विद्यार्थियों को हिन्दी सिखाने के लिए नहीं है, वरन् उनमें राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति दिलचस्पी पैदा करने केलिए है, उन्हें अपने क्षेत्र में आत्मविश्वास विकसित करने के लिए है। हिन्दी का प्रचार-प्रसार सुगम करने के लिए यह एक ठोस प्रयोगात्मक क़दम है।

विशेष :– विभिन्न अन्तरराष्ट्रीय स्कूलों में भी (मुंबई और मुंबई के बाहर) सरल हिन्दी कक्षा की पढ़ाई शुरू की गयी है। इसके लिए अलग से ‘कल्पलता’ पुस्तक तैयार की गयी है।

पाठ्यपुस्तकें:–

  • साहित्य सौरभ  –  (हिन्दुस्तानी प्रचार सभा प्रकाशन)
  • बोलचाल की हिन्दी –  (लोकभारती प्रकाशन)
  • हिन्दी व्याकरण और रचना – (हिन्दुस्तानी प्रचार सभा, प्रकाशन)