हिन्दुस्तानी प्रचार सभा तथा महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्त्वावधान में दो दिवसीय भारतीय भाषा सम्मेलन : भारतीय भाषाओं का अंतर्सम्बन्ध 25 और 26 सितंबर 2023 को सभा के सभागार में सम्पन्न हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने सरस्वती पूजन एवं अपने वक्तव्य के साथ इस महा आयोजन का शुभारंभ किया। महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी के कार्याध्यक्ष डॉ. शीतला प्रसाद दुबे ने आयोजन की प्रस्तावना प्रस्तुत की एवं विशेष कार्य अधिकारी डॉ रीता कुमार ने अतिथियों और उपस्थित भाषा-प्रेमियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
आयोजन के दौरान हिन्दी, मराठी, गुजराती, बंगाली, उड़िया, कन्नड़, पंजाबी, सिन्धी, उर्दू, संस्कृत और कश्मीरी भाषा विद्वान वक्ताओं ने शिऱकत की। सभा के परियोजना समन्वयक राकेश कुमार त्रिपाठी, सुश्री ममता माली, गंगा शरण सिंह और अजित राय ने सत्र संचालक की भूमिका निभाई। महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी के सहनिदेशक सचिन निम्बालकर ने समापन सत्र के अंत में आभार प्रकट किया।
नेपाल के काठमांडू स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय में पुस्तकालय शुरू करने के साथ ही सभा द्वारा 14 सितम्बर 2023 को भारतीय राजदूतावास, काठमांडू तथा हिन्दुस्तानी प्रचार सभा, मुम्बई द्वारा हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। सभा की ओर से डॉ. रीता कुमार, विशेष कार्य अधिकारी और राकेश कुमार त्रिपाठी, परियोजना समन्वयक ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में भारतीय राजदूतावास के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए काव्यपाठ तथा केन्द्रीय विद्यालय काठमांडू स्थित सभी सी.बी.एस.ई. स्कूलों के छात्रों के लिए हिन्दी की विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। हिन्दुस्तानी प्रचार सभा द्वारा सभी विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप हिन्दी की पुस्तकें आबंटित की गयीं।
8 सितम्बर, 2023 को हिन्दुस्तानी प्रचार सभा द्वारा समान नागरिक संहिता कानून (यूनिफॉर्म सिविल कोड, UCC) पर केन्द्रित एक वाक् स्पर्धा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुंबई हाईकोर्ट के प्रतिष्ठत न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री एस.सी. धर्माधिकारी, भूतपूर्व न्यायाधीश श्री संतोष कुमार जायसवाल और न्यासी एवं मानद कोषाध्यक्ष श्री अरविन्द डेगवेकर ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में सभा की विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ. रीता कुमार तथा परियोजना समन्वयक राकेश कुमार त्रिपाठी ने संचालक की भूमिका निभाई।
हिन्दुस्तानी प्रचार सभा द्वारा 5 अगस्त 2023 को उर्दू और हिन्दी का भाषायी एवं साहित्यिक संबंध विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रो. अकील अहमद शेख (निदेशक, एनसीपीयूएल), डॉ. सुहास पेडणेकर (पूर्व उपकुलपति, मुम्बई विश्वविद्यालय), अब्दुल्लाह इम्तियाज़ अहमद (उर्दू विभागाध्यक्ष, मुम्बई विश्वविद्यालय) उपस्थित हुए। सभा की विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ. रीता कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत तथा संयोजन राकेश कुमार त्रिपाठी ने किया।
20 जुलाई 2023 को हिन्दुस्तानी प्रचार सभा तथा द अमेरिकन कॉलेज, मदुरै के साथ मिलकर विद्यार्थियों के लिए वाक-स्पर्धा, निबंध स्पर्धा, गायन स्पर्धा तथा कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. एम. दवमणि क्रिस्टोबर ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में राकेश कुमार त्रिपाठी ने आयोजन तथा सभा की गतिविधियों की जानकारी दी। मदुरै के अतिरिक्त आसपास के लगभग 15 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की। संचालन हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. सफरम्मा ने किया।
पुस्तक संस्कृति को नजदीक से देखने पढ़ने और समझने की रुचि को बढ़ाने के लिए महाविद्यालयों द्वारा उठाए जा रहे कदम के तहत सोफिया महाविद्यालय तथा वी.जी.वझे महाविद्यालय के विद्यार्थियों तथा शिक्षकों ने दौरा किया। पुस्तक तथा पुस्तकालय के प्रति प्रेम और लगाव उत्पन्न करने व विद्यालयीन पाठ्यक्रम से इतर होने वाली सामाजिक गतिविधियों का मार्गदर्शन करने की दृष्टि से यह एक अच्छा प्रयास रहा।
16 जून 2023 को सभा द्वारा अपनी गतिविधियों को एक कदम आगे बढ़ाते हुए कम उम्र के नाबालिग, भटके हुए बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाने तथा शिक्षा को अपना सहायक बनाने की दिशा में एक अतुलनीय प्रयास शुरू किया गया। इसकी प्रथम कड़ी के रूप में नासिक, केरल तथा लुधियाना के बाल सुधारगृह में एक-एक पुस्तकालय खंड शुरू किया गया। उम्मीद है कि (बाल कैदी) विद्यार्थियों को अपने जीवन में बदलाव लाने के संबंध में पुस्तकों, जिन्हें मनुष्य का सच्चा मित्र कहा गया है, की सहायता मिल सकेगी।
बाल साहित्य : बदलते संदर्भ विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
1 जुलाई 2023 को हिन्दुस्तानी प्रचार सभा के सभागार में बाल साहित्य : बदलते संदर्भ विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में सभा के न्यासी एवं मानद सचिव फिरोज़ पैच, न्यासी एवं कोषाध्यक्ष अरविंद डेगवेकर तथा अन्य उपस्थित लोगों द्वारा स्मृति शेष संजीव निगम को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बाल साहित्यकार और मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे के साथ ही आबिद सुरती, समीर गांगुली, रमेश तैलंग आदि अनेक विद्वानों नें बाल साहित्य के विभिन्न आवश्यक बिंदुओं प्रकाश डाला। डॉ. रीता कुमार ने स्वागत उद्बोधन तथा संचालन राकेश कुमार त्रिपाठी एवं गंगा शरण सिंह ने किया।
दिनांक 8 मई 2023 को नेपाल में भारत के दूतावास की सांस्कृतिक निदेशक डॉ. आसावरी बापट सभा के कार्यालय में भेंट हेतु आई थीं। इस अवसर पर सभा की ओर से अंगवस्त्र तथा सम्मान चिह्न द्वारा उनका स्वागत किया गया और उनके साथ कुछ सार्थक परियोजनाओं के विषय में चर्चा भी हुई।
दिनांक 28 मार्च 2023 को नागपुर में आयोजित अखिल भारतीय हिन्दी संस्था संघ की बैठक में सभा की ओर से निदेशक संजीव निगम ने भाग लिया था। इस बैठक में मुंबई की दोनों सदस्य संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से एक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया था।
हिन्दुस्तानी प्रचार सभा और मुम्बई हिन्दी सभा के संयुक्त तत्त्वावधान में 19 अगस्त 2023 को हिन्दुस्तानी प्रचार सभा के सभागार में मराठी साहित्यकारों का हिन्दी साहित्य में योगदान विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सभा की ओर से न्यासी श्री अरविंद डेगवेकर तथा डॉ. रीता कुमार जी ने अतिथियों का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉ. संतोष जायसवाल तथा डॉ. दामोदर खडसे के साथ ही अनेक वरिष्ठ लेखकों, विद्वानों ने अपने विचार रखे। राष्ट्रीय संगोष्ठी का संचालन राकेश कुमार त्रिपाठी ने किया।
आदिवासी क्षेत्रों के विद्यालयों के छात्रों को सभा की नई परियोजना अंग्रेजी-हिंदी शब्दकोश वितरण के तहत पालघर तथा ठाणे जिले के 21 तथा रत्नागिरी जिले के 22 आदिवासी आश्रमशालाओं/विद्यालयों में शब्दकोश का वितरण किया गया। हिन्दुस्तानी प्रचार सभा के इस कदम की स्कूल के अधिकारियों ने सराहना की। बच्चों को लंबे समय तक उपयोग के लिए इन शब्दकोशों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। अब तक सभा द्वारा 12000 से अधिक शब्दकोश आदिवासी क्षेत्रों में वितरित किया जा चुका है।
हिन्दुस्तानी प्रचार सभा द्वारा शुरू पुस्तकालय क्रम में द अमेरिकन कॉलेज, मदुरै, तमिलनाडु के हिंदी विभाग को 300 पुस्तकें हिन्दी खंड शुरू करने के लिए प्रदान की गयीं। अहिन्दी भाषी प्रदेश में हिन्दी को बढ़ावा देने और वहाँ के विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति प्रेम उत्पन्न करने के लिए महाविद्यालय के हिन्दी विभाग को हिंदी में नवीनतम पुस्तकों की आवश्यकता थी। इसके लिए विभाग ने आभार व्यव्त किया था।
20 और 21 जनवरी 2023 को उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान और एसएनडीटी विश्वविद्यालय मुंबई के सहयोग से एक संगोष्ठी का आयोजन हिन्दुस्तानी प्रचार सभा के सभागार में किया गया। संगोष्ठी का उद्घाटन एसएनडीटी विश्वविद्यालय की कुलपति तथा उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान के निदेशक (आईएएस) ने किया। संगोष्ठी में मुंबई और बाहर के कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने व्याख्यान दिया, जिसमें कॉलेज के कई शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया।
10 अप्रैल 2023 को हिंदुस्तानी प्रचार सभा के सभागृह में कुछ रचनाएँ : कुछ संवाद - अनिल जोशी के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभा के ट्रस्टी एवं मानद सचिव श्री फिरोज पैच तथा निदेशक, श्री संजीव निगम ने नई शिक्षा नीति से जुड़े हुए, विदेशों में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में विशेष योगदान देने वाले केंद्रीय हिन्दी संस्थान के उपाध्यक्ष श्री अनिल जोशी जी का स्वागत किया। मुंबई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय तथा श्री अनिल जोशी जी ने भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के विभिन्न पक्षों पर चर्चा की। विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक तथा प्राचार्य ने इस विषय पर अपने विचार रखे। डॉ. रीता कुमार, विशेष कार्य अधिकारी ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति सभा की ओर से आभार व्यक्त किया।
Last Seminar in the series of 4 seminars/conferences planned by HPS to mark the 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi was held on 21st & 22nd September 2019 in IMC Auditorium in Mumbai. The topic of the Seminar was 'Non Violence - In Our Time '. The seminar was inaugurated by Justice S.C.Dharmadhikari of Mumbai High Court. Many dignitaries remained present in this 2 day International Seminar. All the 4 trustees of the HPS – Mr. Satish Shah, Mr Francis Matthew, Mr Feroze Patch and Mr Arvind Degvekar attended the event.
Special issue of the magazine Hindustani Zaban was released on the occasion containing the creative writings of the prisoners of the various jails.
हिन्दुस्तानी प्रचार सभा, मुंबई द्वारा आयोजित द्वि-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में सभा की हिन्दुस्तानी ज़बान पत्रिका के नवीन अंक ‘कैदी विशेषांक’ का लोकार्पण किया गया, जिसमें देश के विभिन्न जेलों में बंद कैदियों द्वारा लिखी गयी रचनाओं को प्रकाशित किया गया है। यह देश में पहली बार है जब किसी पत्रिका ने इस प्रकार का प्रयास किया है और जेल में सजा भोग रहे लोगों को अपनी लेखन प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है। इस विशेषांक का लोकार्पण मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सत्यनारायण धर्माधिकारी के हाथों किया गया। इस अवसर पर मणिभवन की निदेशक डॉ. उषा ठक्कर, महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ महानिरीक्षक कैसर खालिद तथा सभा के न्यासी श्री सतीश शाह, श्री फ्रांसिस मैथ्यू, श्री फिरोज पैच और श्री अरविन्द डेगवेकर विशेष रूप से मौजूद थे। पत्रिका का संपादन संजीव निगम ने किया है।
सभा द्वारा गाँधीजी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में हिन्दुस्तानी प्रचार सभा द्वारा गाँधीजी के प्रिय विषयों पर आयोजित 4 संगोष्ठियों की श्रृंखला में यह अंतिम सेमिनार था। जिसमें अहिंसा से जुड़े विभिन्न प्रकार के सामजिक, राजनैतिक, घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही अहिंसा के सम्बन्ध में अपने विचार रखने के लिए देश-विदेश के कई विद्वानों को आमंत्रित किया गया था।