कोयंबत्तूर. अविनाशी रोड स्थित पीएसजी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस के हिंदी विभाग और हिंदुस्तानी प्रचार सभा, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को हिंदी भाषण और निबंध लेखन आदि अंतर्महाविद्यालयीन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। पोदिगै सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक रूप से प्रार्थना और दीप प्रज्ज्वलन के बाद स्वागत भाषण देते हुए हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. जी. रेणुका ने कहा कि इस आयोजन में 15 महाविद्यालयों के करीब 200 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। ऐसे आयोजन हिंदी के विकास के साथ-साथ देश की अन्य क्षेत्रीय भाषाओं और विविध संस्कृतियों को भी मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अध्यक्षीय भाषण देते हुए प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. एम. सेंगुट्टुवन ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदी के साथ-साथ देश की अन्य भाषाओं को भी प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है। इस तरह के आयोजन इस दिशा में एक सार्थक कदम साबित हो सकते हैं। मुख्य अतिथि एवं राजस्थान पत्रिका चेन्नई के संपादक डॉ. पी.एस. विजयराघवन ने कहा कि भाषा हमें जोड़ने का काम करती है। सही ढंग से किसी भाषा को सीखने के लिए उसे सुनना बहुत जरूरी है। सुनने से हमारा शब्द भंडार तो बढ़ता ही है साथ ही साथ हमें अपने विचारों को सही ढंग से अभिव्यक्त करने में भी मदद मिलती है। हिन्दुस्तानी प्रचार सभा के परियोजना समन्वयक राकेश कुमार त्रिपाठी ने कार्यक्रम की विविधता और उसके उपयोग के साथ हिंदुस्तानी प्रचार सभा, मुंबई की ओर से संचालित विविध कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामना के साथ सभी विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. कुंवर संजय विक्रम सिंह और धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक गौरव सिंह ने किया। सहायक प्राध्यापक डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के नियमों के बारे में विस्तार से समझाया। सहायक प्राध्यापक डॉ. सतीश कुमार श्रीवास्तव एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों का भी सराहनीय योगदान रहा।